28 Jul 2026, 16:38 UTC514 views7 reactionsread 10 August 2026 शाम हमेशा
उतनी ही देर से उतरती है,
जितनी देर से
कोई पुरानी बात याद आती है।
रोशनी पहले आँगन छोड़ती है,
फिर दीवारें,
और अंत में
चेहरों से चली जाती है।
तब लगता है,
मनुष्य का सबसे सच्चा चेहरा
शायद अँधेरे में ही दिखाई देता होगा।
मैंने कई बार सोचा...
इतिहास कहाँ लिखा जाता है...?
उन किताबों में
जिनके पन्ने पीले पड़ चुके हैं,
या उस बूढ़ी स्त्री की आँखों में
जो हर शाम
दरवाज़े की ओर देखती है,
जैसे कोई अभी आएगा,
जबकि उसे भ…
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22 Jul 2026, 16:15 UTC845 views14 reactionsread 10 August 2026 एक पत्र प्रधानमंत्री मोदी के नाम
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी,
सादर प्रणाम।
मैं आपको यह पत्र किसी राजनीतिक विरोधी के रूप में नहीं, बल्कि इस देश के एक सामान्य नागरिक के रूप में लिख रहा हूँ। उस नागरिक के रूप में, जिसने आपकी अनेक बातों पर विश्वास किया है,युवाओं के सपनों पर, नए भारत के संकल्प पर और उस भारत पर, जहाँ मेहनत को उसका सम्मान मिलेगा।
लेकिन आज यह पत्र लिखते हुए मन भारी है।
पिछले कुछ दिनों से जं…
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18 Jul 2026, 18:20 UTC921 viewsread 10 August 2026 https://whatsapp.com/channel/0029VbATSnyAO7RETYPMzz1i/358
18 Jul 2026, 18:12 UTC≈1,010 views10 reactionsread 10 August 2026 Photo
कितनी देर तक
मैं लिखता रहूँ
बारिश की पहली बूँद,
चिड़ियों की उड़ान,
और शाम का सुनहरा आकाश...?
जबकि
मेरे ही शहर में
एक आदमी
अपनी आख़िरी उम्मीद
सरकारी दफ़्तर की कुर्सियों पर
छोड़ आया है।
प्रेम पर
दुनिया ने
अनगिनत गीत लिखे हैं।
कवि,
अब उन चीख़ों का भी
व्याकरण लिखो
जिन्हें इतिहास
हर बार हाशिए पर छोड़ देता है।
(सोनम वांगचुक के लिए)
- सूर्यभान "सूरी"🌷
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23 Jun 2026, 16:20 UTC≈1,550 views10 reactionsread 10 August 2026 Photo
जब भी तुमसे मिला,
लगा दुनिया अभी पूरी तरह
बाज़ार नहीं हुई है।
कुछ शब्द अब भी
अपना अर्थ बचाए हुए हैं,
और कुछ लोग
मनुष्य।
- सूर्यभान 'सूरी'🌷
(पोस्टर: फिल्म थ्री ऑफ़ अस)
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23 Jun 2026, 03:56 UTC≈1,520 viewsread 10 August 2026 https://whatsapp.com/channel/0029VbATSnyAO7RETYPMzz1i/350
9 Jun 2026, 02:57 UTC≈1,870 views12 reactionsread 10 August 2026 Photo
मेरे भीतर
एक अधूरा नागरिक जागता है हर रात।
वह पूछता है...
तुमने जिन अन्यायों को देखा,
उनमें तुम्हारी चुप्पी का हिस्सा कितना था...?
मैं उत्तर खोजता हूँ,
पर उत्तरों के चारों ओर
अपने ही लाभ की धूल जमी है।
जिम्मेदारी,
आत्मा का वह कठोर दर्पण है
जिसमें सबसे पहले
अपना चेहरा कटघरे में दिखाई देता है।
~ सूर्यभान 'सूरी'🌷
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5 Jun 2026, 18:51 UTC≈1,850 viewsread 10 August 2026 Follow the काव्य कुटीर / @KavyaKutir channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VbATSnyAO7RETYPMzz1i
5 Jun 2026, 18:50 UTC≈1,770 views10 reactionsread 10 August 2026 Photo
धीरे-धीरे
पेड़ कम हुए,
फिर छाँव कम हुई,
फिर बातचीत कम हुई,
और
फिर लोग।
अब शहर में
सब मौजूद हैं;
लेकिन मिलने पर भी
कोई किसी को नहीं मिलता।
शायद पेड़
सिर्फ़ जंगल से नहीं,
हमारे भीतर भी कटे हैं।
~ सूर्यभान 'सूरी'
#WorldEnvironmentDay
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28 May 2026, 13:30 UTC≈1,640 views1 reactionsread 10 August 2026 File
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28 May 2026, 13:30 UTC≈1,740 views7 reactionsread 10 August 2026 Photo
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28 May 2026, 08:18 UTC≈1,470 views2 reactionsread 10 August 2026 #FilmReview #Kartavya #कर्तव्य
साथियों आज बात करेंगे हाल में नेटफ्लिक्स पर आई फ़िल्म #Kartavya की।
यह फिल्म एक डिसेंट क्राइम थ्रिलर है और अपने इरादों से महत्वाकांक्षी फिल्म है। यह केवल एक मर्डर इनवेस्टिगेशन नहीं करना चाहती, बल्कि भारतीय सामाजिक संरचना खासकर सत्ता, जाति और संस्थागत हिंसा पर टिप्पणी करने की कोशिश करती है। और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत भी है, और सीमा भी।
फिल्म का शुरुआती हिस्सा बेहद प्रभावशाली है। निर्द…
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Showing the 12 most recent of 20 posts we hold for @KavyaKutir. View and reaction counts are the latest single reading for each post, not a live figure, and a recent post is still accumulating both. A view count marked ≈ was rounded by Telegram before we ever saw it — t.me prints views in full below 1,000 and to three significant figures above, so ≈1,200,000 means somewhere between 1,150,000 and 1,249,999. Unmarked counts are exact. Text is reproduced from the public post preview and truncated for length.