21 Aug 2026, 05:36 UTC193 viewsread 21 August 2026 मेरा रिचार्ज लगभग खत्म होने ही वाला है, प्लीज़ कोई करवा दो, या पैसे दे दो मैं करवा दूंगा,
Phonepe - pankaj84496@ybl
10 log bhi agar 50-50 rupees denge to Mera recharge ho jayega , please 50 rupees jayda nhi hai , please help me...
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21 Aug 2026, 05:33 UTC195 views3 reactionsread 21 August 2026 मन की गहरी सफ़ाई
कभी-कभी मन को गहराई से समझाने की ज़रूरत पड़ती है। एक पुरानी विधि यह है — जब मन किसी रूप-सौंदर्य में उलझने लगे, तो एक पल रुककर याद करें कि यह शरीर आख़िर किस चीज़ से बना है — हड्डी, मांस, और पानी। यह कोई नकारात्मक सोच नहीं, बल्कि यह याद दिलाने का एक तरीका है कि हर सुंदरता अस्थायी है, और जिस चीज़ के पीछे हम भाग रहे हैं, वह उतनी स्थायी नहीं जितनी लगती है। इस भाव से मन में एक स्वाभाविक वैराग्य पैदा होता ह…
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21 Aug 2026, 05:33 UTC158 viewsread 21 August 2026 युधिष्ठिर की ईमानदार स्वीकारोक्ति — किसी ने युधिष्ठिर से पूछा, "क्या माता कुंती को देखते समय आपकी दृष्टि पूरी तरह शुद्ध रहती है?" युधिष्ठिर ने बड़ी ईमानदारी से कहा — "मैं यह दावा नहीं कर सकता कि मेरी दृष्टि पूरी तरह शुद्ध है।" यह बात हमें एक ज़रूरी सबक देती है — यह यात्रा पूर्णता की नहीं, ईमानदार कोशिश की है। खुद से यह उम्मीद रखना कि एक झटके में सब कुछ बिल्कुल शुद्ध हो जाएगा, ग़ैर-ज़रूरी दबाव पैदा करता है। ज़रूरी है …
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21 Aug 2026, 05:33 UTC114 viewsread 21 August 2026 इंद्रियों को विषयों से खींच लेता है।
भोग से शांति नहीं मिलती
महाभारत में राजा ययाति की कथा हमें एक कड़वा मगर ज़रूरी सच बताती है। हज़ार साल तक भोग भोगने के बाद भी ययाति कहते हैं — जो इच्छा उनके मन में जवानी में थी, वही आज भी अधूरी है। इच्छा कभी पूरी नहीं होती, जितना भरो, उतनी ही खाली रह जाती है। यही बात शास्त्रों में एक उपमा से कही गई है — जैसे आग में घी डालने से आग बुझती नहीं, बल्कि और भड़क उठती है, वैसे ही भोग से वा…
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21 Aug 2026, 05:33 UTC108 viewsread 21 August 2026 Blog#200
काम-वासना पर विजय: दमन नहीं, रूपांतरण की राह
अगर आपके मन में कभी यह सवाल उठा है कि "मेरे भीतर जो यह इच्छा बार-बार सिर उठाती है, क्या इसका मतलब मैं कमज़ोर हूं, या पापी हूं?" — तो सबसे पहले एक बात दिल से सुन लीजिए। आप अकेले नहीं हैं। यह कोई अभिशाप नहीं, कोई असामान्य बात नहीं। यह सिर्फ एक ऊर्जा है, जो हर इंसान के भीतर, हर युग में बहती रही है। सवाल यह नहीं कि यह ऊर्जा क्यों है, सवाल सिर्फ इतना है कि हम इसे किस …
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21 Aug 2026, 05:03 UTC132 viewsread 21 August 2026 Blog#199
सच्चा कुशल सारथी वही है, जो उन्मत्त घोड़ों को अपने काबू में रखता है, उन्हें अनियंत्रित नहीं होने देता। वैसे ही सच्चा वीर पुरुष वही है, जो कि युवावस्था में भी प्रबल इंद्रियों को अपने अधीन रखता है, उन्हें स्वतन्त्र व स्वेच्छाचारी नहीं होने देता। शत्रुओं पर
और सम्पूर्ण राजाओं पर विजय प्राप्त करने वाला सच्चा शूरवीर नहीं
कहा जा सकता। सच्चा शूरवीर वही है जो मन और इन्द्रियों का स्वामी
है और मन तथा इन्द्रियों पर…
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19 Aug 2026, 22:23 UTC303 views4 reactionsread 21 August 2026 आसक्ति दिखाई देते ही डर की जड़ दिखाई देने लगती है।
छठा कदम — रोज मृत्यु को याद करो, डर पैदा करने के लिए नहीं, सत्य देखने के लिए
यह सुनने में कठोर लगता है, लेकिन सनातन परंपरा में मृत्यु-स्मरण का उद्देश्य जीवन को अधिक सचेत बनाना है।
अपने आप से पूछो:
“जिस चीज़ को लेकर मैं आज इतना डर रहा हूँ, क्या मृत्युशय्या पर भी यह उतनी ही महत्वपूर्ण होगी?”
यह प्रश्न बहुत-सी छोटी चिंताओं की शक्ति तोड़ देता है।
सातवाँ कदम — “मैं कौन हू…
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19 Aug 2026, 22:23 UTC293 views1 reactionsread 21 August 2026 Blog #198
डर को खत्म करने की शुरुआत डर से लड़ने से नहीं, उसके वास्तविक कारण को देखने से होती है।
सनातन दर्शन में डर की जड़ें मुख्यतः इन चीज़ों में दिखाई जाती हैं:
1. अज्ञान — “मैं वास्तव में कौन हूँ?”
जब मैं स्वयं को केवल शरीर, नाम, पद, पैसा, रिश्ते और प्रतिष्ठा मानता हूँ, तब इन चीज़ों के हिलने से “मैं” हिलने लगता है। इसलिए मृत्यु, अपमान, असफलता और नुकसान का डर पैदा होता है।
उपनिषदों की दृष्टि में भय का गहरा संबंध द…
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Showing the 12 most recent of 20 posts we hold for @brahmacharya111. View and reaction counts are the latest single reading for each post, not a live figure, and a recent post is still accumulating both. A view count marked ≈ was rounded by Telegram before we ever saw it — t.me prints views in full below 1,000 and to three significant figures above, so ≈1,200,000 means somewhere between 1,150,000 and 1,249,999. Unmarked counts are exact. Text is reproduced from the public post preview and truncated for length.