9 Aug 2026, 15:30 UTC188 views8 reactionsread 14 August 2026 Dear🌹 ज़िंदगी _1032
दिल कैसे दुखता है...?
दिल कैसे साफ रखा जाता है...?
क्या मुझे किसी से शिकायत नहीं...??
या मुझसे सबको शिकायत क्यों है...?
सबकी बातें सुन लेना अपराध है?
या सबको मन की बता देना मूर्खता??
मन साफ रखना होता है या मटमैला???
जिंदगी को दूभर कैसे किया जाए??
सब्र करना दुर्बलता है??
अपनों की इज्जत करना उचित है??
या फिर दोस्ती में वफादारी बुजदिली का काम है???
खुद को निखारना सही है??
या खुद को मक्कारी में डुबो …
❤5💯2🤔1
Signed मीत
9 Aug 2026, 04:18 UTC210 views18 reactionsread 14 August 2026 Dear🌹ज़िंदगी_1031
सुबह खुशमिजाज सी और दिन
इतवार का है...
चाय का स्वाद जैसे बरसों के इंतजार सा है...
मैं जागा हुआ हूं मगर खोना चाहता हूं...
खुली है नींद मगर मैं सोना चाहता हूं...
आबोहवा ज़िंदगी की बदलने लगी है...
हवा अपनी बेरुखी जाहिर करने लगी है...
मौत सी दस्तक दे रहीं हैं कुछ अनचाही बातें....
धूमिल हैं अपनों के भी सब रिश्ते नाते....
हूं मैं शामिल अपने हर एक गुनाह में..
लौटूंगा मगर फिर भी खुद की पनाह में....
मैं सरफ…
❤17💯1
Signed मीत
6 Aug 2026, 11:17 UTC898 views11 reactionsread 14 August 2026 Dear🌹 ज़िंदगी _1030
ये जिनके लिए आज दफ्तरों में लगी हैं कुर्सियां...
कभी रहते थे कहीं खोकर अपनी
मनमर्जियां...
इनको तो किराए का मकान भी मुश्किल से मिलता था...
जेब खर्चा भी खर्चे से इनको कम मिलता था...
फिर भी घबराये नहीं कभी
पढ़ने से...
मुश्किलों से हर हाल में लड़ने से...
ये बाधाओं का भंवर पार कर के आये हैं....
ये उस कमरे की घुटन को जी कर आए हैं....
हजारों चक्कर काटे होंगे तपती धूप में लाइब्रेरी के..
ये उसी धूप क…
❤9✍1💯1
Signed मीत
2 Aug 2026, 08:43 UTC423 views16 reactionsread 14 August 2026 Dear🌹ज़िंदगी_1029
चल आजा चलते हैं...चलो...
कैसे? कब? कहां? क्यों?
ये सवाल अक्सर नहीं पूछते अजीज दोस्त...बस चल देते हैं...
जहां भाई ले जायेगा...
कुछ फ़रिश्ते उतरते हैं जमीं पर दोस्त बनकर जो खड़े रहते हैं...
जो साथ खड़े रहते हैं...तब..
जब कभी लगता है कि
यार! अब नहीं होगा....
जब लगता है कि सब खत्म
हो गया है....
जब पापा बीमार होते हैं...
जब जेब खाली होती है....
जब अकेले पड़ जाते हैं...
जब हम थक जाते हैं...
जो हमारे साथ च…
❤14👍1🕊1
Signed मीत
29 Jul 2026, 17:48 UTC471 views13 reactionsread 14 August 2026 Dear🌹ज़िंदगी_1028
थोड़ा ज्यादा सोचता हूं मैं...
जितना तू मुझको अपना सोचता है...उस से तुझे खुद का ज्यादा सोचता हूं मैं...
सोचता हूं... कि अगर तू क्या पूर्णिमा के चांद जैसा है.??
क्या तू सावन के चलते हुए
लहराते हुए बादल सा है...??
कहीं तू फूल की पहली कली तो नहीं...???
कहीं तू समुद्र से बहती शीतल समीर तो नहीं..??
क्या तू वही है जिसकी तस्वीर मैं सपनो में बनाता हूं..??
क्या तू वही है जिसको मैं खुद के जीवन में सजाता हूं..…
❤10💯1🤗1😍1
Signed मीत
29 Jul 2026, 05:13 UTC447 views9 reactionsread 14 August 2026 गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं 🌹
🙏5❤4
Signed मीत
28 Jul 2026, 02:10 UTC≈3,200 views17 reactionsread 14 August 2026 Photo
Dear🌹ज़िंदगी_1027
💯9❤6⚡1👍1
Signed मीत
27 Jul 2026, 11:07 UTC470 views6 reactionsread 14 August 2026 Dear🌹 ज़िंदगी _1026
मैं सभी बंधनों से मुक्त है...
जहां एक ही आत्मा दो अलग अलग शरीरों में बसती है...
वहीं प्रेम का जन्म होता है...
बरसों से तपती बंजर रेत पर
जब प्रेम की पहली बूंद बरसती है...तो वहां से उठने वाली खुशबू में निखरता है प्रेम का पहला अंकुरण...जो पूरी प्रेममय प्रकृति का निर्माण करता है...
तुम इसे देखो मेरी नजर से...
तुम इसे ऐसे देखो
जैसे पीत पुष्पों पर लहराती तितली को अबोध बालक निहारता है...! प्रेम वो है ज…
❤5🕊1
Signed मीत
23 Jul 2026, 12:14 UTC578 views12 reactionsread 14 August 2026 Dear🌹ज़िंदगी_1025
मैने खुशबू को तुम्हारे पीछे चलते देखा है...
मैने तुम्हे अपनी मौजों में बहते देखा है....
पता नहीं लोगों को क्यों है तुमसे
शिकायतें इतनी...
मैने तुम्हे तो सबकी तारीफें करते देखा है...
देखा है कि कैसे तुम सब कुछ संभाल लेती हो...
कोई न भी बताए हाल - ए -दिल
तुम फिर भी जान लेती हो...
मैं कायल हूं तुम्हारे प्रेम का प्रेयसी...
जो तुम तुम्हारे अपनों में सिर्फ मेरा नाम लेती हो....
Haaye! तुम इतना सब कुछ
कैस…
❤8😍2💯1😘1
Signed मीत
21 Jul 2026, 17:41 UTC562 views13 reactionsread 14 August 2026 Dear🌹ज़िंदगी_1024
देश में उबाल आया है....
फिर नया बवाल आया है...
इस बार cjp बनकर
इस्तीफे का सवाल आया है...
अम्मा मियां...लाठी मारो...
अश्रु गैस के गोले दागो...
हम हैं हिटलर तानाशाह
इनको तुम डंडो से मारो...
साहब....
अति का अंत तो होना है..
अंत में तुम्हे ही रोना है....
हम तो हारे मुक्कदर के...
हमको अब क्या ही खोना है...
अरे! मारो हमको और तुम मारो...
मगर बारी सबकी आएगी....
हमारा क्या ही बिगड़ेगा...
सरकार तुम्हारी जा…
❤8👍3😁1😡1
Signed मीत
20 Jul 2026, 18:03 UTC528 views9 reactionsread 14 August 2026 Dear🌹 ज़िंदगी _1023
क्या ही करना है शिक्षा का...पेपर तो हो गया न...लीक हो गया तो क्या हो गया...
क्या हो गया अगर छात्रों को प्रदर्शनकारी और किसानों को देशद्रोही कह दिया तो....देश का संसद भवन बना...
युवाओं के लिए थोड़ी बना है...उस की तरफ आप जा भी नहीं सकते...आवाज नहीं उठानी है...
चुपचाप सहना होता है...फिर भी तकलीफ हो तो पाकिस्तान चले जाओ....या फिर
जय श्री राम...अल्लाह हु अकबर कर लो...मगर मौन रहो...
नहीं तो रौंद दिए जा…
❤6💯1😁1😡1
Signed मीत
19 Jul 2026, 10:46 UTC475 views12 reactionsread 14 August 2026 Photo
Dear 🌹 ज़िंदगी _1022
आषाढ़ का एक दिन.....आषाढ़ के दिनों में इस काव्य को पढ़ना बहुत खूबसूरत रहा...…
प्रेम...विरह....बदलाव....ताने....सत्यता... सत्ता...काव्य....संगीत...जीवन...मजबूरियाँ.…
हृदयता....कोशिशें...दिखावा...वादे...दोस्ती... और दुखों की जड़ों को सींचता हुआ ये काव्य....हृदय पर अपनी अमिट छाप छोड़ गया...
प्रेम को शायद इस से सुंदर परिभाषित नहीं किया जा सकता....
मोहन राकेश जी ने कालिदास और मल्लिका के जीवन को जीवन्…
❤10💯1🤷♂1
Signed मीत
Showing the 12 most recent of 20 posts we hold for @jindgi7. View and reaction counts are the latest single reading for each post, not a live figure, and a recent post is still accumulating both. A view count marked ≈ was rounded by Telegram before we ever saw it — t.me prints views in full below 1,000 and to three significant figures above, so ≈1,200,000 means somewhere between 1,150,000 and 1,249,999. Unmarked counts are exact. Text is reproduced from the public post preview and truncated for length.