12 Aug 2026, 01:59 UTC17 views1 reactionsread 12 August 2026 *लौटती कविता....💗*
जब-जब मैं तुम्हें भूलने की कोशिश करता हूँ,
एक कविता लौट आती है।
वो चुपचाप बैठ जाती है
मेरी मेज़ पर रखी अधूरी किताबों के बीच,
और तुम्हारा नाम लिख देती है
मेरे हर खाली पन्ने पर।
मैं उसे मिटाना चाहता हूँ,
पर शब्द फिर उग आते हैं,
जैसे सूखी धरती पर
बरसात की पहली बूंदें।
वो कविता लौटती है
कभी तुम्हारी हँसी बनकर,
कभी तुम्हारी ख़ामोशी बनकर,
और कभी एक ऐसे दर्द की तरह
जिसका कोई इलाज नहीं होता।
समय बहुत …
❤1
11 Aug 2026, 20:01 UTC110 views1 reactionsread 12 August 2026 🖤🖤....🥀
खुद अपने लिए बैठ के सोचेंगे किसी दिन
यूँ है के तुझे भूल के देखेंगे किसी दिन
आपस की किसी बात का मिलता ही नहीं
वक़्त हर बार ये कहते हैं के बैठेंगे किसी दिन
जाती है किसी झील की गहराई कहाँ तक
आँखों में तेरी डूब के देखेंगे किसी दिन
खुशबू से भरी शाम में जुगनू के कलम से
इक नज़्म तेरे वास्ते लिक्खेंगे किसी दिन
ख़ुशबू की तरह, असल-ए-सबा ख़ाक नुमा
से गलियों से तेरे शहर की गुज़रेंगे किसी दिन...❤️🩹
♡♡♡ Silent…
❤1
11 Aug 2026, 19:22 UTC69 viewsread 12 August 2026 ❝मेरा और उसका कुछ ऐसा किस्सा है,
मेरी छोटी सी दुनिया का वो खुबसूरत हिस्सा है।❜❜
11 Aug 2026, 17:28 UTC38 views1 reactionsread 12 August 2026 ज़िंदगी से एक दिन मौसम ख़फ़ा हो जाएँगे
रंग-ए-गुल और बू-ए-गुल दोनों हवा हो जाएँगे
आँख से आँसू निकल जाएँगे और टहनी से फूल
वक़्त बदलेगा तो सब क़ैदी रिहा हो जाएँगे
फूल से ख़ुश्बू बिछड़ जाएगी सूरज से किरन
साल से दिन वक़्त से लम्हे जुदा हो जाएँगे
कितने पुर-उम्मीद कितने खूबसूरत हैं ये लोग
क्या ये सब बाजू ये सब चेहरे फ़ना हो जाएँगे..⭐️
❤1
11 Aug 2026, 07:11 UTC49 views2 reactionsread 12 August 2026 मै जिंदगी की किताब लिख रही हूं
अपने सफर का सारा हिसाब लिख रही हूं
क्या खोया क्या है पाया ,हर बात लिख रही हूं
टूटे–जुड़े दिल का व्यापार लिख रही हूं
बीते हुए किस्से भी दो–चार लिख रही हूं
मै दोस्त –दुश्मनों का व्यवहार लिख रही हूं
छूटे हुए अपने संगी –यार लिख रही हूं
तकदीर के बदलते हालात लिख रही हूं
दिलों में पड़ी जो दरार लिख रही हूं
भूली बिसरी सारी मै याद लिख रही हूं।
मै जिंदगी की किताब लिख रही हूं
अपने सफर का सारा …
❤2
11 Aug 2026, 05:36 UTC67 views1 reactionsread 12 August 2026 और अंतत:,
तुम थक कर कठोर बन जाओगे।
वो जो मोम सा दिल लिए फिरते हो,
उसे राख में खाक कर आओगे।
न किसी की बेरुखी तडपाएगी
न किसी का साथ सुकून देगा,
तुम इतने खामोश हो जाओगे,
कि शोर भी सुनने को तरसेगा।
दूनिया कहेगी “बदल गए हो तुम’
मगर तुम मुस्कुरा कर निकल जाओगे
क्योंकि अंतत:
तुम थक कर कठोर बन जाओगे...!!
❤1
11 Aug 2026, 01:46 UTC55 viewsread 12 August 2026 Photo
🔱📜 महादेव की सीख 📜🔱
> 📖 शिवताण्डव स्तोत्र (रावण कृत):
_“जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले_
_गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्।_
_डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं_
_चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥”_
🌿 सरल अर्थ:
भगवान शिव अपनी जटाओं से बहती पावन गंगा, गले में विशाल नाग और डमरू की दिव्य ध्वनि के साथ तांडव करते हैं। उनका यह स्वरूप सृष्टि में सृजन, संरक्षण और परिवर्तन—तीनों का प्रतीक है। ✨
✨ जीवन की सीख:
महादेव …
11 Aug 2026, 01:32 UTC41 views1 reactionsread 12 August 2026 Photo
🏵️
मेरी ग़ज़ल की तरह उस की भी 'हुकूमत है
तमाम मुल्क में वो सब से खूब'सूरत है..!!
🌙
💌💯❤️
❤1
10 Aug 2026, 18:01 UTC37 views3 reactionsread 12 August 2026 Photo
तुम कहते हो,
“इश्क़ हूँ मैं…”
तो सुनो—
मुझमें कहीं इश्क़ है,
या मैं ही इश्क़ में हूँ...
इश्क़ से जब इश्क़ हो गया,
तो मैं ख़ुद ही इश्क़ हो गई। ❤️🩹✨
❤3
10 Aug 2026, 17:23 UTC39 views1 reactionsread 12 August 2026 तलब लगी हैं आज फिर
काश तुम आ जाती तो अच्छा होता
आँखों से अश्रु बह रहें हैं नदी बनकर
नदियों को राह दिखाती तो अच्छा होता
गम के सागर में डूबा हूँ तुम्हारें बगैर
आकर मुझे पार लगाती तो अच्छा होता
थक गया हूँ अकेले चल कर राहों में
चार कदम तुम साथ निभाती तो अच्छा होता
क्या जरूरी था यूँ हाथ छुड़ाकर जाना
उम्र भर साथी बनकर साथ निभाती तो अच्छा होता!!
❤1
10 Aug 2026, 16:46 UTC116 views4 reactionsread 12 August 2026 💧 जिनकी आंखें आंसू से नम नहीं,
क्या समझते हो उसे कोई गम नहीं...!! 😔
🙂 तुम तड़प कर रो दिए तो क्या हुआ,
गम छुपा के हंसने वाले भी कम नहीं....!! 💔🌸
Silenthrax
❤2🥰1😱1
10 Aug 2026, 15:16 UTC76 viewsread 12 August 2026 चल रहे हैं जमाने में यूँ ही रिश्वतों के सिलसिले,,,,
तुम भी कुछ ले देके हमसे मोहब्बत कर लो!
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